Rukhmabai: Google ने जन्मदिन पर बनाया खास Doodle | Rukhmabai in Hindi

Rukhmabai Birthday Google Doodle|Rukhmabai in Hindi: आज अगर आप Google पर जायेंगे तो आपको वहापर एक नारी का google doodle दिखेगा. उनका नाम है, डॉक्टर रूखमाबाई राऊत. क्यों Rukhmabai Bhimrao Raut को google ने मानवंदना देते हुए ख़ास doodle बनाया है?. आइए रुखमाबाई को hindi में जानते है (Rukhmabai in hindi).

Rukhmabai के जन्मदिन का ख़ास Google Doodle | Rukhmabai in Hindi

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कुछ दिन पहले हमे google पर भारत की पहली क़ानूनी पढाई करनेवाली महिला Cornelia Sorabji का doodle दिखाई दिया था. उसी तरह से अगर आज आप google के homepage को open करोगे तो आपको एक महिला साडी पहने, गले में Stethoscope लगाये हुए और उनके पीछे नर्स मरिजो के पास उनकी सेवा करते हुए दिखेंगी. Doodle में दिखनेवाली यह महिला भारत और ब्रिटेन की पहली महिला Doctor Rukhmabai Bhimrao Raut है. जिन्हें Rakhmabai Raut भी कहा जाता है.  आज याने की 22 नवंबर 2017 को उनका 153 वा जन्मदिन है. इसी मौके पर google ने उन्हें ख़ास doodle बनाकर याद किया है.

रूखमाबाई की जानकारी hindi में | Rukhmabai in Hindi

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Rukhmabai Raut का जन्म मुंबई में 22 नवंबर, 1864 को मराठी बढई (carpenter) परीवार में हुआ था. जब rukhmabai 8 साल की थी तब उनके पिता का देहांत हो गया, उसी वक्त उनकी माँ जयंतीबाई ने उनके नाम सारी जायदाद कर दी, और उन्होंने अपना दूसरा विवाह डॉ. सखाराम अर्जुन के साथ किया. उनकी मा ने रूखमाबाई का विवाह 11 साल की उम्र में उनके मर्जी के बिना दादाजी भिकाजी के साथ करावा दिया. भारत में उस समय बाल विवाह एक आप प्रथा थी और रूखमाबाई इसके सख्त खिलाफ थी.

Rukhmabai ने 12 साल की आयु में भिकाजी के साथ ना रहने का फैसला और डॉ. सखाराम अर्जुन ने उनके निर्णय का स्वागत किया . लेकिन दादाजी भिकाजी उन्हें अपने साथ रहने के लिए मजबूर करते थे. 1884 को भिकाजी ने डॉ सखाराम अर्जुन के खिलाफ अपनी पत्नी पर हक़ के लिए याचीका दर्ज की. और कोर्ट ने फैसला दिया था की रुख्माबाई को उनके पति के साथ रहना चाहिए नहीं तो उन्हें सजा के रूप में जेल जाना पड सकता है. तब उन्होंने कहाकी वः जेल जाना पसंद करेगी लेकिन दादाजी भिकाजी के साथ विवाह बंधन में नहीं रहेगी. उनके इस फैसले के 68 साल बाद याने की 1955 में Hindu marriage act बनाया गया जिसमें इस बात को ध्यान में रखा कीशादी के बंधन में रहने के लिए पति और पत्नी दोनों का approval होना जरुरी है.

Rukhmabai की Doctor बनाने की History | Rukhmabai in Hindi

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Rukhmabai Raut Medical पढाई करना चाहती थी. यह इच्छा उन्होंने अपने लेख में बताई थी, इसके बाद cama hospital के Dr. Edith Pechey ने उन्हें प्रोत्साहित किया और 1889 में रूखमाबाई लिए fund जमा करके उन्हें London School of Medicine for women, में पढने के लिए England भेजा. England से Doctor बनकर आने के बाद उन्होंने कई साल तक राजकोट में महिलाओ के hospital में अपनी duty निभाई. responsible Doctor होने के साथ Rukhmabai एक सक्रिय सामाज सुधारक थीं. उन्होंने महिला की समस्या और बाल विवाह के ऊपर जोरो से लिखा था.

भारत और ब्रिटेन की पहली महिला Doctor Rukhmabai Bhimrao Raut की मृत्यु 1991 को 91 उम्र हुई.

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