V. Shantaram Biography in Hindi | Google ने Doodle बनाकर किया सम्मान

Google Doodle पर V. Shantaram | V. Shantaram Biography in Hindi

V. Shantaram Biography in Hindi: Hello Friends welcome back, आज याने की 18 नवंबर 2017 के दिन व्ही. शांताराम (V. Shantaram)जी का 116th जन्मदिवस है. इसलिए google ने उन्हें doodle बनाकर याद किया है. film जगत से जुड़े हर एक आदमी को पता है की V. Shantaram कोन थे?. लेकिन जिन्हें अभी तक मालूम नहीं उनके लिए हम V. Shantaram Biography in Hindi के इस लेख में व्ही. शांताराम जी से जुडी हर बात बतानेवाले है.

व्ही. शांताराम (V. Shantaram) भारत के जानेमाने निर्देशक (director) थे. उन्हों ने अपने जीवन के 70 साल भारतीय सिनेमा को दिए हुए है. आज उनका 116th birthday है. आइए जानते है, व्ही शांताराम (V. Shantaram) जी की biography hindi में.

V. Shantaram Biography in Hindi

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मशहूर Director व्ही. शांताराम (V. Shantaram) जी की biography intresting है. छोटे परिवार से आया हुआ बच्चा आगे चल के कैसे हिंदी film indusrty को अपने 70 साल का योगदान देता है. यही story हम आपको V. Shantaram Biography in Hindi में बताएँगे.

व्ही. शांताराम (V. Shantaram) जी का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में 18 नवंबर 1901 में मराठी जैन परिवार में हुआ था. उनका पूरा नाम शांताराम राजाराम वाकुंदरे था. व्ही. शांताराम जी को अन्ना साहब नाम से भी जाना जाता था. उन्होंने अपनी filmy career की शुरुवात बाबुराव पेंटर की Maharashtra film co. में छोटे मोटे काम करके की थी. उन्हें Maharashtra film co. में उस वक्त महीने के 5 रूपये मिलते थे. जब वो 12 साल के थे तब Railway Workshop में काम किया था. उसके कुछ ही समय बाद नाटक मंडली group में शामिल हो गये.

प्रभात film उसके बाद राजकमल कलामंदिर की स्थापना | V. Shantaram Biography in Hindi

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व्ही. शांताराम (V. Shantaram) ने Maharashtra film co. में काम करते वक्त Film बनाने की सारी बारिकिया बाबुराव पेंटर की से सीखी. उन्होंने 1921 में बनी film सुरेखा हरन में अभिनेता के तौर पर काम किया. उसके बाद 1925 की film ‘सवकारी पाश’ में किसान का role निभाया. उन्होंने अभिनय करने के बाद निर्देशक बनाने का फैसला लिया और ‘नेताजी पलकर’ film बनाई. इसके बाद व्ही. शांताराम (V. Shantaram) ने ” प्रभात फिल्म” का निर्माण किया. Prabhat film company में उन्होंने 19 films बनाई. बाद में प्रभात film को बंद करके राजकमल कलामंदिर की स्थापना की थी.

V. Shantaram Biography in Hindi

Film में प्रयोग करने के लिए मशहूर | V. Shantaram Biography in Hindi

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V. Shantaram जी उस दौर में film बनाने में नए प्रयोग करने की लिए काफी मशहूर थे. उन्होंने हिंदी फिल्मो में पहली बार Moving Shots और trolly का प्रयोग किया और वो सफल भी रहे. उन्होंने 1933 में पहली रंगीन हिंदी film बनाई. पहली बार hindi film में animation का उपयोग किया. 1946 में व्ही. शांताराम (V. Shantaram) ने डॉ. कोटनिस की अमर कहानी film बनाई थी. यह पहली भारतीय film है जो विदेश में दिखाई गयी थी. उनकी ‘झांझर’ यह film Box office पर कामयाब नहीं हो सकी और व्ही. शांताराम (V. Shantaram) के career की आखरी film साबित हुई.

दादा साहब फालके पुरस्कार से सम्मानित | V. Shantaram Biography in Hindi

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व्ही. शांताराम (V. Shantaram) का filmy career काफी बड़ा है. उन्होंने 7 दशक तक film industry को अपना योगदान दिया है. 1957 में झनक पायल बजे इस film के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ट निर्देशक का फिल्मफेर पुरुस्कार दिया गया था. 1985 में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े पुरस्कार दादा साहब फालके पुरस्कार से सम्मानित किया गया. शांताराम राजाराम वाकुंदरे याने की व्ही. शांताराम (V. Shantaram) जी का 30 अक्टूबर 1990 में मुंबई में निधन हो गया.

दोस्तों आजका लेख “V. Shantaram Biography in Hindi” पूरा पढने के लिए धन्यवाद. आपके कुछ सवाल, या फिर सुझाव होंगे तो comment जरुर करे. हमारे Youtube channel को जरुर Subscribe करें.

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